Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
शिवलिंगी के फायदे, लाà¤, उपयोग
शिवलिंगी का परिचय (Introduction of Shivlingi)
आधà¥à¤¨à¤¿à¤• जीवनशैली के कà¥à¤› पà¥à¤°à¤®à¥à¤– अà¤à¤¿à¤¶à¤¾à¤ªà¥‹à¤‚ में से à¤à¤• अà¤à¤¿à¤¶à¤¾à¤ª बंधà¥à¤¯à¤¤à¥à¤µ यानी बाà¤à¤à¤ªà¤¨ का à¤à¥€ है। कॅरियर की होड़, अधिक आयॠमें विवाह और आधà¥à¤¨à¤¿à¤• जीवन के तनावों के कारण सà¥à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में विशेष रूप से बांà¤à¤ªà¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ बढ़ रही है। हमारे आस-पास खर पतवार के रूप में पाठजाने वाले शिवलिंगी के बीजों (shivlingi ke beej) के विधिपूरà¥à¤µà¤• पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— से सà¥à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ में सकà¥à¤·à¤® हो जाती हैं। शिवलिंगी का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के लिठà¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾ होता है। शिवलिंगी बीज को सदियों से संतान पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के लिठअचूक और सफल नà¥à¤¸à¥à¤–े के तौर पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— किया जाता रहा है। अगर संतानविहीन दंपतà¥à¤¤à¥€ शिवलिंग का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करते हैं तो उनके लिठये पौधा à¤à¤• वरदान है।
शिवलिंगी (shivlingi ke beej) सà¥à¤µà¤¾à¤¦ में कड़वी, पेट के लिठगरम और दà¥à¤°à¥à¤—नà¥à¤§ वाली होती है। यह शरीर के धातà¥à¤“ं को पà¥à¤·à¥à¤Ÿ करती है। यह सà¤à¥€ कà¥à¤·à¥à¤ रोग को ठीक करने वाली होती है। शिवलिंगी हलà¥à¤•ी विरेचक यानी मल निकालने वाली और शरीर को बल देने वाली होती है। इसके फल यौन शकà¥à¤¤à¤¿ बढ़ाने वाले à¤à¤µà¤‚ बलवरà¥à¤§à¤• तथा बà¥à¤–ार को कम करने वाले होते हैं। शिवलिंगी के बीज (Shivlingi Beej) लीवर, सांस की बीमारी, पाचन तंतà¥à¤° आदि के लिठà¤à¥€ लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• होते हैं। ये शरीर की रोगपà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को à¤à¥€ बढ़ाते हैं।
शिवलिंगी कà¥à¤¯à¤¾ है? (What is Shivlingi?)
शिवलिंगी (Shivlingi Plant) पेड़ पर चढ़ने वाली à¤à¤• लता है जो बरसात के दिनों में अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• मातà¥à¤°à¤¾ में पाई जाती है। लता में से बहà¥à¤¤-सी शाखाà¤à¤‚ निकली कर चारों ओर फैली हà¥à¤ˆ होती हैं। इसका तना चिकना, चमकीला तथा शाखाà¤à¤‚ सà¥à¤¤à¤²à¥€ जैसी पतली, धारीदार व रोà¤à¤‚दार होती हैं।
इसके पतà¥à¤¤à¥‡ करेले के पतà¥à¤¤à¥‡ जैसे, ऊपर से हरे à¤à¤µà¤‚ खà¥à¤°à¤¦à¤°à¥‡ तथा नीचे से चिकने होते हैं। इसके फूल छोटे और हरे-पीले रंग के होते हैं। इसके फल गोलाकार, चिकने, आठसफेद धारियों से यà¥à¤•à¥à¤¤ होते हैं। कचà¥à¤šà¥‡ फल हरे रंग के होते हैं जो पकने पर लाल हो जाते हैं। इसके बीज à¤à¥‚रे रंग के तथा शिवलिंग की आकृति के समान होते हैं।
पà¥à¤²à¥€à¤¹à¤¾ (तिलà¥à¤²à¥€) की वृदà¥à¤§à¤¿ ठीक करे शिवलिंगी का सेवन (Shivlingi Benefits in Spleen Enlargement in Hindi)
पà¥à¤²à¥€à¤¹à¤¾ यानी तिलà¥à¤²à¥€ के बढ़ने से टायफायड यानी मियादी बà¥à¤–ार होता है। मियादी बà¥à¤–ार को ठीक करने के लिठबढ़ी हà¥à¤ˆ तिलà¥à¤²à¥€ को ठीक करना आवशà¥à¤¯à¤• होता है। शिवलिंगी की जड़ को पानी में घिसकर पिलाने से पà¥à¤²à¥€à¤¹à¤¾ वृदà¥à¤§à¤¿ यानी बढ़ी हà¥à¤ˆ तिलà¥à¤²à¥€ ठीक होती है।
गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ विकार में शिवलिंगी का सेवन लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• (Shivlingi Seed Powder Helps in Pregnancy Disorder in Hindi)
पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ का सीधा संबंध अंडाणà¥à¤“ं और शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥à¤“ं की संखà¥à¤¯à¤¾ और सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ से है। शिवलिंगी के बीज (Shivlingi ke Beej) ओवेरियन रिजरà¥à¤µ (Ovarian Reserve) जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को दूर करते हैं और मासिक धरà¥à¤® को नियमित करते हैं। इसके बीज चूरà¥à¤£ का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— (Shivlingi Beej Uses in Hindi) गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ हेतॠकिया जाता है।
कई महातà¥à¤®à¤¾ लोग सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ या पà¥à¤°à¥à¤· को संतान की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के लिठमासिक धरà¥à¤® के 4 दिन बाद से 1 माह तक सà¥à¤¬à¤¹-शाम शिवलिंगी के बीज à¤à¤• गà¥à¤°à¤¾à¤® की मातà¥à¤°à¤¾ में खाली पेट दूध के साथ सेवन कराते हैं।
जिनको पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ (Shivlingi Beej For Male Child In Hindi) की कामना है, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बछिया वाली गाय के दूध के साथ सेवन करना अचà¥à¤›à¤¾ होता है। जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ संतान यानी लड़की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ की कामना है उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बछड़ी वाली गाय के दूध के साथ इसका सेवन करना होता है।
जिन महिलाओं को गरà¥à¤ न ठहरता हो अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤ बार-बार गरà¥à¤ गिर जाता हो, वे मासिक धरà¥à¤® के बाद शिवलिंगी के à¤à¤• बीज से शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ करके पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• दिन à¤à¤• बीज बà¥à¤¾à¤¤à¥‡ हà¥à¤ 21 दिन तक सेवन करें। इससे गरà¥à¤ ठहर जाता है à¤à¤µà¤‚ गरà¥à¤ नहीं गिरता।
शिवलिंगी बीज आधा गà¥à¤°à¤¾à¤® तथा पà¥à¤¤à¥à¤°à¤œà¥€à¤µà¤• बीज à¤à¤• गà¥à¤°à¤¾à¤® (Shivlingi Beej And Putrajeevak Benefits In Hindi) दोनों को मिला लें। इसे पीसकर बराबर à¤à¤¾à¤— में मिशà¥à¤°à¥€ मिलाकर सà¥à¤¬à¤¹ और शाम सेवन करने से बांà¤à¤ªà¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ में लाठहोता है तथा सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ गरà¥à¤-धारण के योगà¥à¤¯ बन जाती है। (अनेक बार चिकितà¥à¤¸à¤•ीय परीकà¥à¤·à¤£ सही होने पर à¤à¥€ गरà¥à¤ धारण नहीं हो पाता; उनके लिठयह à¤à¤• सैंकड़ों बार परीकà¥à¤·à¤£ किया गया पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— है)।
संतान को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ बनाठगरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में शिवलिंगी का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² (Benefits of Shivlingi Beej During Pregnancy)
शिवलिंगी के बीजों का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ (Shivlingi Beej For Male Child) के साथ साथ संतान को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ और तेजसà¥à¤µà¥€ बनाने के लिठà¤à¥€ किया जाता है। शिवलिंगी का सेवन गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ (shivlingi beej during pregnancy) में करने से गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠको सà¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार का पोषण मिलता है और उसका सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ अचà¥à¤›à¤¾ होता है।
शà¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤ और सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ संतान पाने के लिठपà¥à¤¤à¥à¤°à¤œà¥€à¤µà¤•, नागकेसर, पारस पीपल के बीज और शिवलिंगी की समान मातà¥à¤°à¤¾ लें। इसे सूखा पीस कर बारीक चूरà¥à¤£ बना लें। इसका आधा चमà¥à¤®à¤š गाय के दूध के साथ गरà¥à¤à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान सात दिनों तक सेवन करें। इससे गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠका सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ अचà¥à¤›à¤¾ (shivlingi beej benefits) होता है।
सूतिका जà¥à¤µà¤° (बà¥à¤–ार) में शिवलिंगी के उपयोग से फायदा (Shivlingi Cures After Delivery Fever in Hindi)
पà¥à¤°à¤¸à¥‚ति के बाद सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ के शरीर में कमजोरी आ जाती है जिसके कारण कई बार उसे जà¥à¤µà¤° यानी बà¥à¤–ार à¤à¥€ आ जाता है। इस अवसà¥à¤¥à¤¾ में शिवलिंगी के पंचांग के चूरà¥à¤£ का 2-4 गà¥à¤°à¤¾à¤® की मातà¥à¤°à¤¾ में सेवन कराने से सूतिका जà¥à¤µà¤° (बà¥à¤–ार) ठीक (shivlingi beej benefits) होता है।
सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¤µ के लिठशिवलिंगी का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• (Shivlingi Helps in Normal Delivery in Hindi)
आज के समय में सीजेरियन यानी ऑपरेशन से संतानोतà¥à¤ªà¤¤à¥à¤¤à¤¿ काफी सामानà¥à¤¯ बात हो गई है, लेकिन इसका सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पर काफी खराब असर पड़ता है। सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¤µ कराने के लिठआयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में अनेक विधान हैं। पà¥à¤·à¥à¤¯ नकà¥à¤·à¤¤à¥à¤° में लाई हà¥à¤ˆ शिवलिंगी की जड़ को सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ की कमर में बांधने से पà¥à¤°à¤¸à¤µ आसानी (सà¥à¤–पूरà¥à¤µà¤•) (shivlingi seeds) से होता है।
यौन शकà¥à¤¤à¤¿ बढ़ाने में फायदेमंद शिवलिंगी (Benefit of Shivlingi help to boost Sexual Boost in Hindi)
शिवलिंगी के वाजीकरण गà¥à¤£ होने के कारण यह यौन शकà¥à¤¤à¤¿ बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ में à¤à¥€ मदद करती है। इसके सेवन से दामà¥à¤ªà¤¤à¥à¤¯ जीवन में सà¥à¤–लाठहोता है।
| --------------------------- | --------------------------- |